Thursday, August 1, 2024

बजट और काम वाली बाई (लघु व्यंग्य)

 बजट और काम वाली बाई (लघु व्यंग्य)

सुबह सबेरे कमलदास जी को सपत्नीक घर पर पधारे देखकर होने वाला आश्चर्य दोनों के चेहरे देखकर होते होते रह गया| मैंने और श्रीमती जी ने लगभग एक साथ पूछा, सब कुशल मंगल तो है! सबेरे सबेरे ..कमलदास जी बोले क्या बताऊँ भाई, जबसे ये निर्मला जी का सातवाँ और मोदी युग का 11वां बजट आया है, काम वाली बाई ने परेशान कर दिया है| अब चकराने की बारी हमारी याने मेरी और श्रीमती जी की थी ! हमने पूछा, निर्मला जी के बजट से काम वाली बाई का क्या संबंध ? कमलदास जी बोले , उसने किसी न्यूज चैनल में सुन लिया और फिर उसके लडके ने अखबार में पढ़कर उसे बताया है कि इस बजट में वेतन भोगी लोगों को 17500/- का फ़ायदा हुआ है और वो अब कह रही है कि जब  आप को 17500/- का फ़ायदा हुआ है तो उसकी पगार भी तो कम से कम 200/- महिना तो बढ़ना ही चाहिये| हमने कहा कि वह फ़ायदा हमें नहीं लाखों कमाने वालों को हुआ है तो वह मानने  तो मानने को तैयार ही नहीं और आज काम छोड़ने की धमकी देकर गयी है…आपकी नजर में अगर कोई दूसरी काम वाली बाई हो तो बताएं…

अब कमलदास जी से हम कैसे कहते कि हम भी ले देकर अभी तक पुरानी पेंशन योजना में इनकम टेक्स की चपेट में आने से बचे हैं और इसी परेशानी से गुजर रहे हैं….

अरुण कान्त शुक्ला

1/8/2024

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